My Ratings

Statistics

  • Pages displayed : 7948
  • Unique visitors : 12951
  • Pages displayed in last 24 hours : 104
  • Unique visitors in last 24 hours : 55

Help me Maintain the site

Unheard…. Now heard

Superb portrayal of the typical social attitudes towards issues of domestic violence. DV is NOT gender specific… Anyone and everyone can be a victim of DV in home, every human being in a domestic relationship deserves protection against the perpetrator!

पुरुषों पर अत्याचार

By पूनम पांडे

महिला अधिकारों की जब बात उठती है तो महिलाएं क्या मांगती हैं? जाहिर है बराबरी का अधिकार। लेकिन अगर बराबरी की मांग करते-करते कोई खुद शोषणकारी की तरह बर्ताव करने लगे तो…. कम से कम कुछ मामलों में तो यही हो रहा है। इसमें कोई दो राय नहीं है कि अभी भी कई जगह खासकर गांवों में महिलाओं की स्थिति बहुत दयनीय है और उन्हें उनके अधिकार दिलाने के लिए जितना भी किया जाए वह कम है लेकिन ऐसी महिलाओं की संख्या भी बढ़ रही है जो अपने हक के लिए मिले कानून का दुरूपयोग कर रही हैं। और कानून भी इसमें मूकदर्शक बने रहने के अलावा कुछ नहीं कर पा रहा है।

मेरा एक मित्र है जिसने कुछ दिनों पत्रकारिता की और अब लॉ करने के बाद एक सीनियर क्रिमिनल लॉयर के साथ ट्रेनिंग ले रहा है। कुछ ही दिन पहले वह मिला और इतना व्यथित था कि पूछिए मत। वजह पूछने पर बताया कि यार गलत काम मैं कर नहीं सकता और न करूं तो वकालत करने का सपना छोड़ना पड़ेगा। और मेरे पैरंट्स मुझे समझने की बजाय मुझे प्रैक्टिकल बनने की सलाह दे रहे हैं। हुआ यूं कि कुछ दिन पहले उसके सीनियर के पास एक महिला आई। पढ़ी लिखी और मॉडर्न। उसने अपने 2 साल पुराने पति और उसके पैरंट्स के खिलाफ घरेलू हिंसा कानून के तहत केस दर्ज कराया था। वह वकील से कहने लगी कि मैं अपने पति और उसके पूरे परिवार को जेल में देखना चाहती हूं चाहे इसके लिए कुछ भी करना पड़े। आप चाहें तो सबूत क्रिएट करने के लिए मैं अपने शरीर पर सिगरेट से दागने के निशान बना सकती हूं। इतना बताया ही था कि मेरा वह दोस्त बुरी तरह बरस पड़ा। उसने बताया कि एक हफ्ते से वह सीनियर लॉयर के पास नहीं गया है क्योंकि जब उसने उनसे कहा कि सर ये तो गलत है तो उन्होंने उसे ही लेक्चर दे डाला।

एक वाकया और याद आ रहा है जब मैं कॉलेज में स्टूडेंट यूनियन में थी। एक 22 साल के लड़के को रेप के आरोप में गिरफ्तार किया गया। कुछ सीनियर पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दरअसल मामला कुछ और ही है। वह लड़का एक कॉल गर्ल के पास गया और बाद में पैसों को लेकर कुछ बहस हुई और 40 रुपये को लेकर उसने लड़के पर रेप का केस कर दिया। मेडिकल टेस्ट में भी उसकी पुष्टि हो गई। पुलिस वाले हकीकत जानते हुए भी कुछ नहीं कर सके और उस लड़के को सजा हो गई।

Read the rest… »

The Myth of Women's Oppression

Women's Bill: Empowering Gharanas, Not Women

The results of recent Lok Sabha elections have driven home the very disturbing fact that politics in India is fast becoming a family business. If this trend continues, as indeed it will unless major changes are made, India will soon find itself being ruled “democratically” [...]

Stop Women Pamperment in the society

We have talked a lot about “Legal Terrorism under 498a” in last 4 years.

Did we achieve anything substantial?

Nope…

Because, 498a is the symptom of a much bigger disease.

What is this DISEASE?

The Disease is Women Pamperment by Society.

This started more than 10,000 years back. Just because [...]

Girl Child – The Usable Commodity

All the characters in the article are imaginary and have no resemblance to any person living or dead. Any co-incidence is purely co-incidental.

Priyanka is a confused girl. They want her to get married to a rich guy as Priyanka is their only daughter and they expect their potential son-in-law [...]

Page 1 of 3123